class 7 Hindi chapter 1 question Answer


पाठ 1- हम पंछी उन्मुक्त गगन के


शब्दार्थ
पंछी-पंक्षी
उन्मुक्त- आजाद
गगन- आकाश
पिंजरबद्ध- पिंजरे में बन्द
कनक तीलिया- सोने की सलाखे
पुलकित- कोमल
कटुक निबौरी- नीम का कडा फल
मैदा से- दाने सें
खला- सलाखे
त- पेड़
फुनगी- पेड़ की सबसे ऊँची टहनी का सिरा
अरमान- इच्छा
नभ- आकाश
सीमा- हद


हिदी अर्थ (व्याख्या)
1.हम पंछी -----------------------------------------------------------------------------------------------टूट जाएँगे।
प्रसंग - ये पंक्तियाँ बसंत भाग-2  की हम पंछी उन्मुक्त गगन के नामक कविता से संकलित  हैं। इसमें कवि ने पक्षियों के माध्यम से स्वतंत्रता की बात की है। गुलामी की अपेक्षा मर जाना ही अच्छा है।
हिदी अर्थ (व्याख्या) - कवि पक्षियों की ओर से कह रहा है कि हमारा बसेरा खुला आकाश है। हम उड़ते हुए ही खुशी के गीत गा सकते हैं। यदि हमें पिंजरे में बंद कर दिया जाए तो हम चहचहाना मूल जाएगे।आज़ादी पाने की इच्छा में हमारे कोमल पंख सोने की सलाखों से टकरा कर टूट जाएँगे।


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