लॉकडाउन पर अनुच्छेद



लॉकडाउन परिचय

लॉकडाउन अर्थात बंद, चाहे वह भारत हो या चीन, ऐसी स्थिति में जब पूरा देश बंद हो उसे लॉकडाउन कहते हैं। भारत में ऐसी स्थिति पहली बार देखी गयी है, जब पूरा देश बंद हो। लोग हैं पर सडकों पर सन्नाटा पसरा है, नुक्कड़ पर अब भीड़ नहीं लगती और चाय की दुकानों पर अब लोग गप नहीं मारते। अगर कुछ है तो सन्नाटा और सन्नाटे को चीरती हुई पुलिस की गाड़ियों के सायरन। कुछ ऐसा आलम है इस लॉकडाउन का। यह एक प्रकार की आपातकालीन स्थिति है जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल सकता है।
क्यों किया गया लॉकडाउन?
भारत के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन अपनाया गया। यह इसलिए ताकि देश की जनता को कोरोना नामक भयंकर माहामारी से बचाया जा सके। आलम ऐसा है की दुनिया का हर देश कोरोना से बेहाल है। चारों तरफ लोग मर रहे हैं और इसका संक्रमण भी बहुत तेजी से फैलता जा रहा है।
इटली और स्पेन जैसे देश जिनकी मेडिकल स्थिति दुनिया में बेहतरीन मानी जाती है, जब ऐसे देशों ने अपने हाथ खड़े कर दिए तो भारत तो अभी बहुत पीछे है। वहां जैसी स्थिति भारत में न आये इस लिये भारत सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा की। यह 25 मार्च से चल कर 14 अप्रैल तक चलेगा। इसके प्रभाव में आने से पूर्व सरकार ने एक दिन का जनता कर्फ्यूलगाया था। उसके बाद इस लॉकडाउन को प्रभाव में लाये।
लॉकडाउन की स्थिति में सभी प्रकार के परिवहन (वायु, जल और स्थल) बंद कर दिये गए, सभी दुकाने, फैक्ट्रियां, कंपनियां, आदि सब बंद हैं। लोगों को घर में रहने की हिदायत दी जा रही, चारों तरफ सन्नाटा और अजीब सा खौफ हैं क्योंकि कोरोना का इलाज अभी तक मुमकिन नहीं। इसकी वैक्सीन की खोज अब तक जारी है, अगर हमारे हाथ में कुछ है तो वो बस घर में रहना और लोगों से दूरी बनाये रखना।
लॉकडाउन के सकारात्मक प्रभाव
एक तरफ कोरोना पर काबू पाने में मददगार साबित हुआ क्यों की जब लोग ही नहीं होंगे तो ये फैलेगा कैसे।
पर्यावरण को भी खुद को साफ़ करने का थोड़ा समय मिल गया।
कई परिवारों में समय के कमी के कारण आई दूरियां ख़तम हो गई।
जो लोग ऐसे नहीं सुधरते वे कम से कम परिवार के लिये बाहर नहीं जाते।
निष्कर्ष
लॉकडाउन के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव हैं, परंतु उद्देशय कोरोना से लड़ना और उसे हराना ही है। जब सरकार अपने अर्थव्यवस्था की चिंता न करते हुए हमारे हित के बारे में सोचते हुए इतना बड़ा कदम उठा रही है तो, यह हमारा भी कर्तव्य है की हम इसका पालन करें। घर पर रहें, लोगों से दूरी बनायें रखें, खुद भी स्वास्थ्य रहें और दूसरों को प्रेरित करें। ऐसे संकट की घड़ी में सबको डट कर इसका सामना करना है।
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