एसे कौन कौन से व्यक्ति है जो विकलांग होते हुए भी पर्यावरण संरक्षण मे अपना पूरा योगदान दिया

  •  योगेश चौहान राजस्थान के एक विकलांग व्यक्ति हैं जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी पेंशन और भत्ता दान किया है। उन्होंने अब तक एक लाख से अधिक पेड़ लगाए हैं। वह अपने पैरों पर नहीं चल सकते हैं, इसलिए वह अपने भाई की मदद से पेड़ लगाते हैं। वह एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं कि कैसे कोई भी विकलांगता के बावजूद पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकता है।
  • अजय सिंह एक दृष्टिबाधित व्यक्ति हैं जिन्होंने एक पर्यावरण जागरूकता अभियान शुरू किया है। वह स्कूलों और कॉलेजों में जाकर बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के बारे में शिक्षित करते हैं। वह लोगों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और जैविक अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में जागरूक करते हैं। वह एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं जिन्होंने अपनी विकलांगता को अपनी ताकत में बदल दिया है।
  • अनुराधा शर्मा एक बधिर व्यक्ति हैं जो एक पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। वह एक पर्यावरण संरक्षण संगठन चलाती हैं जो वनों की कटाई और प्रदूषण के खिलाफ काम करता है। वह लोगों को पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूक करने के लिए फिल्में और नुक्कड़ नाटक बनाती हैं। वह एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं जिन्होंने अपनी विकलांगता को अपनी आवाज में बदल दिया है।

इनके अलावा भी कई विकलांग व्यक्ति हैं जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ये सभी व्यक्ति एक उदाहरण हैं कि कैसे कोई भी विकलांगता के बावजूद अपने सपनों को पूरा कर सकता है और दुनिया में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

  • अजय राय, एक दृष्टिबाधित व्यक्ति, ने एक पर्यावरण संरक्षण संगठन, "इको-सॉवर" की स्थापना की। यह संगठन प्लास्टिक कचरे को कम करने और जैविक अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए काम करता है।

  • सीताराम गौतम, एक व्हीलचेयर पर चलने वाला व्यक्ति, ने एक पर्यावरण संरक्षण अभियान शुरू किया है। वह स्कूलों और कॉलेजों में जाकर बच्चों को जल संरक्षण और ऊर्जा संरक्षण के बारे में शिक्षित करते हैं।

  • मंजूला रानी, एक बधिर व्यक्ति, एक पर्यावरण संरक्षण संगठन चलाती हैं जो वन्यजीव संरक्षण के लिए काम करता है। वह लोगों को वन्यजीवों के बारे में जागरूक करने के लिए फिल्में और नुक्कड़ नाटक बनाती हैं।

  • अंकुर शर्मा, एक मानसिक रूप से विकलांग व्यक्ति, एक पर्यावरण संरक्षण संगठन चलाते हैं जो जल प्रदूषण के खिलाफ काम करता है। वह लोगों को जल प्रदूषण के बारे में जागरूक करने के लिए पोस्टर और बैनर बनाते हैं।

  • राहुल कुमार, एक शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति, एक पर्यावरण संरक्षण संगठन चलाते हैं जो जैव विविधता संरक्षण के लिए काम करता है। वह लोगों को जैव विविधता के बारे में जागरूक करने के लिए वनस्पति और जीवों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।

  • अश्विनी कुमार, एक दृष्टिबाधित व्यक्ति, एक पर्यावरण संरक्षण संगठन चलाते हैं जो ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ काम करता है। वह लोगों को ग्लोबल वार्मिंग के बारे में जागरूक करने के लिए सम्मेलनों और बैठकों में भाग लेते हैं।

  • मोहन लाल, एक व्हीलचेयर पर चलने वाला व्यक्ति, एक पर्यावरण संरक्षण संगठन चलाते हैं जो जलवायु परिवर्तन के खिलाफ काम करता है। वह लोगों को जलवायु परिवर्तन के बारे में जागरूक करने के लिए लेख और भाषण लिखते हैं।

  • शारदा देवी, एक बधिर व्यक्ति, एक पर्यावरण संरक्षण संगठन चलाती हैं जो वनों की कटाई के खिलाफ काम करती हैं। वह लोगों को वनों की कटाई के बारे में जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक और फिल्में बनाती हैं।

ये व्यक्ति सभी एक उदाहरण हैं कि कैसे कोई भी विकलांगता के बावजूद अपने सपनों को पूरा कर सकता है और दुनिया में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं: