ब्राह्मी लिपि मे राष्ट्रीय गीत
ब्राह्मी लिपि भारत की प्राचीनतम लिपियों में से एक है। इसके प्रयोग के प्राचीन उदाहरण अशोक के अभिलेखों के रूप में उपलब्ध हैं। यह बाएँ से दाएँ लिखी जाती है।
ब्राह्मी लिपि की विशेषताएँ
1. यह बाँये से दाँये की तरफ लिखी जाती है।
2. यह मात्रात्मक लिपि है। व्यंजनों पर मात्रा लगाकर लिखी जाती है।
3. कुछ व्यंजनों के संयुक्त होने पर उनके लिये 'संयुक्ताक्षर' का प्रयोग (जैसे प्र= प् + र)
4. वर्णों का क्रम वही है जो आधुनिक भारतीय लिपियों में है।
ब्राह्मी लिपि की विशेषताएँब्राह्मी लिपि की विशेषताएँ
सम्राट अशोक के ब्राह्मी लिपि में अंकित प्रमुख अभिलेख
1. रुम्मिनदेई - स्तम्भलेख
2. गिरनार - शिलालेख
3. बराबर - गृहालेख
4. मानसेहरा - शिलालेख
5. शाहबाजगद्री - शिलालेख
6 दिल्ली - स्तम्भलेख
7. गुजरर - लघु-शिलालेख
8. मस्को- शिलालेख
9. कान्धार - द्विभाषी शिलालेख
ब्राह्मी लिपि मे राष्ट्रीय गीत

ब्राह्मी लिपि मे राष्ट्रीय गीत
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| ब्राह्मी लिपि मे राष्ट्रीय गीत |
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